राजकरण

जेपी नड्डा ने गिनाई वक्फ बिल की खूबिया

केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास करा लिया। सरकार को एनडीए के सभी घटक दलों का जबरदस्त समर्थन मिला और विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास करा लिया। सरकार को एनडीए के सभी घटक दलों का जबरदस्त समर्थन मिला और विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया। वहीं, इसके विपक्ष में 232 वोट पड़े। इसके साथ ही केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवारको इस बिल को राज्यसभा में भी पेश कर दिया। हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की असल परीक्षा इसी सदन में मानी जा रही है। दरअसल, राज्यसभा में एनडीए का बहुमत जरूरी संख्या पर ही स्थिर है। ऐसे में गठबंधन के किसी भी दल के किसी भी सांसद का इधर-उधर होना विधेयकको पास कराने की राह में रोड़ा बन सकता है।

राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चाके दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा- हमारा प्रयास है कि वक्फ के काम पारदर्शिता आए। अपने संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- मुझे उम्मीद है कि सदन इस बिल का समर्थन करेगा। इस बिल का मूल उद्देश्य वक्फ की संपत्ति का रखरखाव करना है। इस बिल पर काफी चर्चा हुई है। मैं इस बिल को लेकर कहना चाहता हूं, इसके खिलाफ जो भ्रम फैलाया जा रहा है उसका विरोध करता हूं। इस बिल को लेकर 2013 बने जेपीसी में सिर्फ 13 सदस्य थे, अब इस बिल को लेकर बने जेपीसी में 31 सदस्य थे। जेपी नड्डा ने कई मुस्लिम देशों का जिक्र करते हुए कहा, वहां पर वक्फ की संपत्ति का रखरखाव सरकारें करती हैं। लेकिन हम तो बस रखरखाव औरनियमों से चलने की बातकररहे हैं।

हमारा प्रयास है कि वक्फ की संपत्ति का दुरुपयोग न हो इस लिए ये बिल लाया गया है। इस दौरान जेपी नड्डा ने 2013 वक्फ बिल की कमियां और 2025 के वक्फ बिल की खूबियां भी गिनाई। जेपी नड्डा ने कहा - विपक्ष के लोग जेब में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, हमेशा दिखाते रहते हैं, लेकिन पढ़ते नहीं, इस्तेमाल नहीं करते हैं। संविधान का इस्तेमाल हम करते हैं। सदन के नेता जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा- प्रधानमंत्री मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ चले हैं। हमें वोटबैंक की राजनीति से बाहर निकल करके देशहित की बात करने की जरूरत है। मैं जानना चाहता हूं, कि पिछले 70 साल किन लोगों ने उन्हें डरा कर रखा है। आपने 70 साल का परीक्षण करके देख लिया, बांट-बांट कर देख लिया। 2013 में संशोधन के बाद भी आप विपक्ष में बैठ गए हैं। हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि, हमने वक्फ बोर्ड पर हाथ डाल दिया। ये एकतरीके से हमारे को कब्जे में लेने की बात है।