नई दिल्ली (एजेंसी)। नए साल में केंद्र
सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को
तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार
को आठवें वेतन आयोग के गठन को
मंजूरी देने का एलान कर दिया। गठन
के बाद आयोग की रिपोर्ट के आधार पर
कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनधारकों
के पेंशन में इजाफा होगा। लाभान्वित
होने वाले लोगों की संख्या एक करोड़ से
अधिक होगी।
सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी
वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक
में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी
देने का फैसला लिया गया। 7वें वेतन
आयोग का गठन 2016 में किया गया था
और इसका कार्यकाल 2026 में समाप्त
होगा। वैष्णव ने आगे कहा कि आयोग
के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति
जल्द ही की जाएगी। सरकार के इस कदम
का इंतजार एक करोड़ से अधिक केंद्रीय
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों
को था। ये अपने मूल वेतन, भत्ते, पेंशन
और अन्य लाभों को संशोधित करने में
मदद के लिए आयोग के गठन की आस
लगाए थे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
ने घोषणा करते हुए कहा कि आयोग का
गठन 2026 तक हो जाएगा। उन्होंने आगे
दोहराया कि सातवें वेतन आयोग की
सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं।सरकार बाद में सदस्यों सहित आयोग
के अन्य विवरणों के बारे में जानकारी
देगी। सातवें वेतन आयोग ने केंद्र सरकार
के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और
पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव किए है।
जिससे वेतन समानता सुनिश्चित हुई
और सक्रिय कर्मचारियों और सेवानिवृत्त
पेंशनभोगियों दोनों को लाभ हुआ। इसके
बाद अब 8वें केन्द्रीय वेतन आयोग का
गठन होने वाला है।
केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हर 10
साल में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के
वेतनमान, भत्ते और लाभों में बदलाव