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Delhi Electricity Rates: क्या बढ़ेंगी दिल्ली में बिजली की कीमतें? सरकार के फैसले पर सबकी नजर

दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, जिसका कारण ₹27,000 करोड़ का बकाया बताया जा रहा है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि उपभोक्ता संभावित बढ़ोतरी से चिंतित हैं।

दिल्ली में बिजली दरों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, जिससे राजधानी के उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने संकेत दिया है कि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) को ₹27,000 करोड़ के बकाया को वसूलने के लिए बिजली दरों में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है।  

मंत्री आशीष सूद के अनुसार, पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल के दौरान, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) के माध्यम से डिस्कॉम्स पर ₹27,000 करोड़ की रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ पड़ा। इस बकाया राशि की वसूली के लिए, डिस्कॉम्स को बिजली दरों में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है।  

इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा सरकार का कहना है कि पिछली AAP सरकार की नीतियों के कारण यह वित्तीय संकट उत्पन्न हुआ है। वहीं, AAP नेता आतिशी ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि महिलाओं को ₹2,500 की वित्तीय सहायता देने का वादा पूरा नहीं किया गया है।

DERC की भूमिका और आगामी कदम

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने टैरिफ संशोधन प्रक्रिया शुरू कर दी है और विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है। बिजली कंपनियों द्वारा दायर टैरिफ याचिकाओं पर सार्वजनिक सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित है, जिसमें प्रमुख कंपनियाँ जैसे बीआरपीएल और टीपीडीडीएल शामिल हैं।

  यदि बिजली दरों में वृद्धि होती है, तो इसका सीधा असर दिल्ली के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बिजली दरें न केवल घरेलू बजट पर भार डालेंगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों की लागत भी बढ़ा सकती हैं, जिससे महंगाई पर असर पड़ सकता है।
  मंत्री आशीष सूद ने आश्वासन दिया है कि सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, "आने वाले समय में बिजली की कीमतें बढ़ेंगी, और शायद कुछ लोग इसे अपने राजनीतिक लाभ के लिए भी चाहते हैं। हालांकि, वर्तमान सरकार DERC के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है।
 

दिल्ली में बिजली दरों में संभावित वृद्धि एक गंभीर मुद्दा है, जो उपभोक्ताओं और राजनीतिक दलों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आवश्यक है कि सरकार, DERC और डिस्कॉम्स मिलकर एक संतुलित समाधान निकालें, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रहे और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक भार न पड़े।