Mizoram में African Swine Fever (ASF) का कहर जारी है, जिससे राज्य के सूअर पालन उद्योग को भारी क्षति पहुंची है। 2021 से अब तक, ASF के कारण 57,217 सूअरों की मौत हो चुकी है और 43,159 सूअरों को संक्रमण रोकने के लिए मारा गया है, जिससे किसानों को लगभग ₹800 करोड़ का नुकसान हुआ है।
ASF का प्रभाव और आर्थिक नुकसान 2024 में, ASF के कारण 15,000 से अधिक सूअरों की मौत हुई और 24,200 से अधिक सूअरों को मारा गया, जिससे राज्य को ₹336.49 करोड़ का नुकसान हुआ। 2021 से 2024 तक, कुल 47,269 सूअरों की मौत हुई और 25,182 सूअरों को मारा गया, जिससे कुल मिलाकर ₹896.69 करोड़ का नुकसान हुआ।
ASF क्या है और यह इंसानों के लिए कितना खतरनाक है? African Swine Fever एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है जो सूअरों को प्रभावित करती है और इसमें मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। हालांकि, यह वायरस केवल सूअरों तक ही सीमित रहता है और इंसानों के लिए कोई खतरा नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, ASF इंसानों में संक्रमण नहीं फैलाता है, इसलिए मानव स्वास्थ्य पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
सरकारी कदम और प्रतिबंध ASF के प्रसार को रोकने के लिए, Mizoram सरकार ने मई 2024 में पड़ोसी राज्यों और देशों से सूअरों और सूअर मांस के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया, जो अभी भी लागू है। इसके अलावा, राज्य के पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सूअरों की आवाजाही और सूअर मांस की आपूर्ति पर भी रोक लगाई है।
किसानों पर प्रभाव और भविष्य की चुनौतियाँ ASF के कारण, राज्य के सूअर पालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। राज्य में प्रति माह औसतन 4 लाख किलोग्राम पोर्क की खपत होती है, और ASF के प्रकोप ने इस मांग की आपूर्ति में बाधा डाली है। हालांकि सरकार ने प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किया है, लेकिन यह संकट सूअर पालन उद्योग के पुनर्निर्माण और भविष्य में ASF के प्रसार को रोकने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।
Mizoram में African Swine Fever का प्रकोप सूअर पालन उद्योग के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। हालांकि यह बीमारी इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन इससे जुड़े आर्थिक नुकसान और किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार और संबंधित विभागों को इस संकट से निपटने के लिए सतर्क रहना होगा और भविष्य में ऐसे प्रकोपों को रोकने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ अपनानी होंगी।