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Waqf Bill: वक्फ बिल पर कांग्रेस का विरोध, संविधान पर हमला बताया; रिजिजू का दावा - विपक्षी पार्टियां समर्थन में

वक्फ बिल पर कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान पर हमला है, जबकि केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने दावा किया कि विपक्षी पार्टियां इसका समर्थन कर रही हैं। जानें इस विवादित बिल पर दोनों पक्षों की क्या राय है और इसका राजनीतिक परिप्रेक्ष्य क्या है।

हाल ही में वक्फ बिल को लेकर भारतीय राजनीति में एक बड़ा विवाद छिड़ा है। कांग्रेस पार्टी ने इस बिल को संविधान पर हमला बताते हुए इसका विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बिल धार्मिक संस्थाओं के स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाता है और भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस बिल का समर्थन करते हुए दावा किया है कि विपक्षी पार्टियां इस विधेयक के पक्ष में हैं और इसका स्वागत कर रही हैं।

यह विवाद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर है। सरकार का प्रस्ताव है कि वक्फ बोर्डों को कुछ हद तक और अधिक स्वतंत्रता दी जाए ताकि वे अपनी संपत्तियों का बेहतर तरीके से प्रबंधन कर सकें। इसके अलावा, बिल में वक्फ संपत्तियों के विवादों को सुलझाने के लिए एक नई प्रणाली बनाने का भी प्रस्ताव है, जिसे लेकर विपक्षी पार्टियां सवाल उठा रही हैं।

कांग्रेस पार्टी का मानना है कि इस विधेयक से संविधान के अनुच्छेद 25, जो धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, का उल्लंघन हो सकता है। उनका कहना है कि वक्फ संपत्तियों को नियंत्रित करने का अधिकार सरकार को नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम संविधान के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ है और भारतीय नागरिकों के धर्मनिरपेक्ष अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

दूसरी ओर, केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने कहा है कि विपक्षी पार्टियां इस विधेयक का समर्थन कर रही हैं और इसे एक सकारात्मक कदम मान रही हैं। उनका कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक कारगर उपाय हो सकता है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई विपक्षी दल इस कदम के पक्ष में हैं और इस बिल को देश के हित में मानते हैं।

इस विवाद का राजनीतिक परिप्रेक्ष्य भी अहम है। कांग्रेस के विरोध और रिजिजू के समर्थन के बीच राजनीतिक पार्टियों के बीच मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। जहां एक तरफ कांग्रेस इसे संविधान पर हमला मान रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार इसे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार की दिशा में एक अहम कदम मान रही है। इस मुद्दे ने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी है, और यह देखा जाना बाकी है कि भविष्य में यह विवाद किस रूप में सामने आता है।

वक्फ बिल के बारे में कांग्रेस और सरकार के बीच जारी यह विवाद आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति में और गहरे मुद्दों को जन्म दे सकता है। इस विधेयक को लेकर दोनों पक्षों के विचार अलग-अलग हैं, और इससे संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे संवेदनशील विषयों पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री रिजिजू का कहना है कि विपक्षी पार्टियां इसका समर्थन कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस का विरोध इसे एक गंभीर मुद्दा बना रहा है।