पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान और भारतीय अभिनेत्री वाणी कपूर अभिनीत आगामी बॉलीवुड फिल्म 'अबीर गुलाल' अपने टीज़र रिलीज़ के तुरंत बाद विवादों में घिर गई है। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने इस फिल्म की महाराष्ट्र में रिलीज़ का विरोध किया है, जिससे फिल्म की भविष्य की संभावनाएं अनिश्चित हो गई हैं।
फिल्म :अबीर गुलाल' एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है, जिसका निर्देशन आरती एस. बगड़ी ने किया है। फिल्म में फवाद खान और वाणी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं, और इसकी कहानी दो ऐसे लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक-दूसरे की मदद से अपने घावों को भरते हैं। फिल्म की शूटिंग 2024 के अंत में लंदन में पूरी हुई थी और इसे 9 मई 2025 को रिलीज़ करने की योजना है।
विवाद की जड़: फिल्म के टीज़र रिलीज़ के कुछ घंटों बाद ही MNS ने इसका विरोध जताया। MNS के प्रवक्ता अमेय खोपकर ने कहा, "हमने इस फिल्म की रिलीज़ के बारे में आज ही जाना जब निर्माताओं ने इसकी घोषणा की। लेकिन हम स्पष्ट कर रहे हैं कि हम इस फिल्म को महाराष्ट्र में रिलीज़ नहीं होने देंगे क्योंकि इसमें एक पाकिस्तानी अभिनेता है। किसी भी परिस्थिति में हम ऐसी फिल्मों को राज्य में रिलीज़ होने की अनुमति नहीं देंगे। हम फिल्म के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही एक पूर्ण बयान जारी करेंगे।"
शिवसेना :MNS के विरोध के साथ-साथ, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने भी पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, "यदि केंद्र सरकार की इस पर कोई नीति है, तो उसे लागू किया जाना चाहिए। यह निर्णय कि क्या पाकिस्तानी फिल्मों को भारत में रिलीज़ किया जाना चाहिए या उनके कलाकारों को यहां काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए, सरकार द्वारा लिया जाना चाहिए।"
फिल्म उद्योग के कुछ सदस्यों ने इस विवाद पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि कला और संस्कृति को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए और कलाकारों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा के आधार पर आंका जाना चाहिए। हालांकि, वर्तमान राजनीतिक माहौल में, पाकिस्तानी कलाकारों की भागीदारी वाली फिल्मों को अक्सर विरोध का सामना करना पड़ता है।
अबीर गुलाल' की रिलीज़ को लेकर उत्पन्न हुए इस विवाद के बीच, फिल्म के निर्माता और वितरक अब यह तय करने की स्थिति में हैं कि वे महाराष्ट्र में फिल्म की रिलीज़ को लेकर क्या कदम उठाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे MNS के विरोध के बावजूद फिल्म को रिलीज़ करने का निर्णय लेते हैं या नहीं।