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जल संरक्षण पर पीएम मोदी का 'मन की बात' में आह्वान: 'बारिश की हर बूंद बचाएं'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 120वें एपिसोड में जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए 'बारिश की हर बूंद बचाने' की अपील की और भाखड़ा नंगल डैम का उदाहरण देते हुए जल संचयन के प्रयासों को रेखांकित किया।

नई दिल्ली, 30 मार्च 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 120वें एपिसोड में जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए देशवासियों से 'बारिश की हर बूंद बचाने' की अपील की। उन्होंने भाखड़ा नंगल डैम का उदाहरण देते हुए बताया कि यदि हम सभी मिलकर वर्षा जल का संचयन करें, तो यह जल संकट के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

'कैच द रेन' अभियान की चर्चा: पीएम मोदी ने 'कैच द रेन' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण के उपाय अपनाएं, जैसे कि कृत्रिम तालाब, चेक डैम, बोरवेल रिचार्ज और सामुदायिक सॉक पिट का निर्माण, ताकि पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

भाखड़ा नंगल डैम का उदाहरण: प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 7-8 वर्षों में 11 अरब क्यूबिक मीटर पानी संरक्षित किया गया है, जो भाखड़ा नंगल डैम द्वारा बनाए गए गोविंद सागर झील के जल संग्रहण से भी अधिक है। उन्होंने कहा, "यदि हम वर्षा की हर बूंद बचाएं, तो पानी की भारी बचत हो सकती है।"

गडग जिले के ग्रामीणों की सराहना: पीएम मोदी ने कर्नाटक के गडग जिले के ग्रामीणों की प्रशंसा की, जिन्होंने दो सूख चुकी झीलों को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयासों से इन जलाशयों की सफाई की और अब वे बारिश के पानी के संचयन के लिए तैयार हैं।

खेलो इंडिया पैरा गेम्स में खिलाड़ियों की उपलब्धियां: प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया पैरा गेम्स में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में रिकॉर्ड संख्या में एथलीटों ने भाग लिया और 18 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए, जिनमें से 12 महिला खिलाड़ियों के नाम रहे।  

टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग की आवश्यकता: पीएम मोदी ने कपड़ा अपशिष्ट (टेक्सटाइल वेस्ट) की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की और बताया कि भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा कपड़ा कचरा उत्पादक देश है। उन्होंने कहा कि पानीपत, बेंगलुरु और तिरुपुर जैसे शहरों में स्टार्टअप्स कपड़ा पुनर्चक्रण की नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जिससे इस चुनौती से निपटा जा सके।

नागरिकों से अपील: प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की और कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा, "यदि हम वर्षा की हर बूंद बचाएं, तो पानी की भारी बचत हो सकती है।