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म्यांमार-थाईलैंड में 7.7 तीव्रता का भूकंप: अब तक 700 से अधिक की मौत, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

म्यांमार और थाईलैंड में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही हुई है, जिसमें अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने मानवीय सहायता भेजकर मदद का हाथ बढ़ाया है।​

शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को, म्यांमार और थाईलैंड में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने दोनों देशों में भारी तबाही मचाई। अब तक 694 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। म्यांमार में 1,670 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि थाईलैंड में भी कई लोग हताहत हुए हैं।

भूकंप का केंद्र म्यांमार की राजधानी नेपीता से लगभग 250 किलोमीटर दूर सागाइंग शहर के पास, जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। इस विनाशकारी भूकंप के बाद, म्यांमार की सेना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है और कई इलाकों में आपातकाल घोषित किया गया है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के झटकों से एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई, जिसमें कई मजदूर मलबे में दब गए। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

भारत ने ऑपरेशन ब्रह्म के तहत म्यांमार में राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाद्य पदार्थ, जल शोधक, सौर लैंप, जनरेटर सेट और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि पहली खेप यंगून पहुंच चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं और प्रभावित लोगों को मदद पहुंचा रही हैं।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) ने आशंका जताई है कि इस भूकंप में मरने वालों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है। रेड क्रॉस ने म्यांमार और थाईलैंड में राहत कार्यों के लिए 1.5 लाख डॉलर की सहायता देने का वादा किया है, जिसका उपयोग आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।