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महिलाओं के लिए मोदी सरकार की बड़ी पहल: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 75% घर होंगे उनके नाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 3.53 लाख नए घरों की मंजूरी दी है, जिसमें से 75% घर महिलाओं को आवंटित किए जाएंगे, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के दूसरे चरण की घोषणा की है। इस योजना के तहत कुल 3.53 लाख नए घरों की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 75% घर महिलाओं को आवंटित किए जाएंगे। यह निर्णय महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का उद्देश्य:प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना है, जिसमें विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना शामिल है। इस योजना के दूसरे चरण में, सरकार ने महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए 3.53 लाख घरों की मंजूरी दी है, जिसमें से 2.67 लाख घर अकेले महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम:महिलाओं को 75% घर आवंटित करने का निर्णय उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व में हिस्सेदारी देकर उनकी सामाजिक स्थिति को मजबूत करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगी। इसके अलावा, यह निर्णय महिलाओं की सुरक्षा और स्थिरता को भी सुनिश्चित करेगा, जिससे वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और स्थायी आवास में रह सकेंगी।

लाभार्थियों की पहचान और चयन प्रक्रिया:इस योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। इसके अलावा, आवास+ (2018) सर्वेक्षणों के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें ग्राम सभाओं द्वारा सत्यापित किया जाएगा। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि सबसे योग्य परिवारों, विशेष रूप से आवास अभाव का सामना करने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाए।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा:

  • आय मानदंड: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए वार्षिक आय ₹3 लाख तक, निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए ₹3 लाख से ₹6 लाख तक, और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लिए ₹6 लाख से ₹12 लाख तक होनी चाहिए।

  • आवास स्वामित्व: परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।

  • सरकारी योजनाओं का लाभ: लाभार्थी परिवार ने भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी भी आवासीय योजना का लाभ पहले नहीं उठाया होना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया के लिए लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और बैंक खाता विवरण शामिल हैं। आवेदन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।

सरकार की प्रतिबद्धता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल महिलाओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूत करेगा। सरकार की यह पहल 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत महिलाओं को 75% घर आवंटित करने का निर्णय सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल न केवल महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व में हिस्सेदारी देगी, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। इससे समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार होगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।