संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हाल ही में हुई बैठक में भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से अपना अवैध कब्जा तुरंत हटाना होगा। भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर पर की गई अनुचित टिप्पणियों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है, और हमेशा रहेगा।
पाकिस्तान के झूठे दावों का पर्दाफाश पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र मंच पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया, जिसका भारत ने सख्त प्रतिवाद किया। राजदूत हरीश ने कहा कि पाकिस्तान के इस तरह के बार-बार किए जाने वाले झूठे दावे न तो उनके अवैध कब्जे को वैध ठहराते हैं, न ही उनके राज्य-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को उचित ठहराते हैं।
आतंकवाद को समर्थन बंद करने की नसीहत भारत ने पाकिस्तान को आतंकवादियों को समर्थन देना बंद करने की सख्त नसीहत दी। राजदूत हरीश ने कहा कि पाकिस्तान को अपने संकीर्ण और विभाजनकारी एजेंडे को चलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
PoK पर अवैध कब्जा: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पाकिस्तान ने 1947-48 के भारत-पाक युद्ध के दौरान जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसे अब पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) कहा जाता है। भारत हमेशा से इस क्षेत्र को अपना अभिन्न हिस्सा मानता आया है और पाकिस्तान के कब्जे को अवैध करार देता है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान पर दबाव डाले ताकि वह आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और PoK से अपना अवैध कब्जा हटाए। यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश है कि उसे अपने अवैध कब्जे और आतंकवाद के समर्थन को तुरंत समाप्त करना होगा। यह न केवल भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए भी आवश्यक है।